Pakistan: Military, Maulvi aur Media (Hindi)
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Additional information
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| ISBN | 9788199641396 |
Description
यह पुस्तक पाकिस्तान में सेना, लोकतांत्रिक सरकारों और मौलवियों के मीडिया से संबंध का अध्धयन प्रस्तुत करती है। लोकतंत्र, सेना और धार्मिक कट्टरता के बीच पाकिस्तानी मीडिया के विकास की कहानी पुस्तक में लिखी गई है। लेखक ने अपने अनुभवों, पाकिस्तान यात्रा, पत्रकारों से संवाद, शोध सामग्री और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर पुस्तक में दिखाने का प्रयास किया है कि किस प्रकार पाकिस्तान का मीडिया सेना, खुफिया एजेंसियों, राजनीतिक सत्ता, धार्मिक कट्टरपंथ और आतंकवाद से लगातार संघर्ष करते हुए पत्रकारिता के मूल्यों को बचाने की कोशिश करता रहा है। पुस्तक में पाकिस्तानी मीडिया के विकास, प्रेस की स्वतंत्रता और डिजिटल मीडिया का पाकिस्तान पर प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।
पाकिस्तानी मीडिया ने लोकतांत्रिक सरकारों और सैन्य शासन दोनों का दबाव झेला है। आतंकवाद और कट्टरपंथ ने भी पाकिस्तानी मीडिया के सामने भारी चुनौतियां पेश की हैं। इस पुस्तक में इस संबंध में विस्तृत चर्चा की गई है। पुस्तक में बताया गया है कि खुफिया एजेंसियों और आतंकवादी संगठनों के दोहरे दबाव के बीच कई पत्रकारों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। शोधपरक तथ्यों, संतुलित विश्लेषण और सरल भाषा में लिखी गई यह कृति पत्रकारिता, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मीडिया अध्ययन और दक्षिण एशियाई मामलों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी और विचारोत्तेजक है।
संजीव पांडेय का जन्म बिहार के बोधगया में हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी. ए. की डिग्री प्राप्त करने के बाद पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ से हिंदी, प्राचीन इतिहास और गांधी अध्य्यन विषयों में एम.ए. किया। पंजाब विश्वविद्यालय के गांधी अध्य्यन विभाग से एम. फिल. की डिग्री भी हासिल की। अमर उजाला, चंडीगढ़ में लंबे समय तक बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया और वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं। मीडिया के क्षेत्र में पेड न्यूज के मुद्दे को लेकर चल रहे अभियान में सक्रिय रहे । लेखक की इक्कीसवीं सदी में दक्षिण एशिया और पेड मीडिया नामक पुस्तकें पहले प्रकाशित हो चुकी है।




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